मूर्ख शेर और खरगोश की कहानी। Sher Aur Khargosh Ki Kahan

मूर्ख 
बच्चो आज में आपके लिए शेर और खरगोश की कहानी "Sher Aur Khargosh Ki Kahan" लेकर आया हूँ जिस को पड़ कर आप खुश हो जावो गे तो चलिए बच्चो शरू करते है।



sher aur khargosh ki kahani

शेर खरगोश की कहानी। Sher Aur Khargosh Ki Kahan


पुराने समय जंगल में सभी जानवर खुसी - खुसी रहते थे।  कुछ दिनों के बाद अचानक एक बूढ़ा शेर आ गया और सभी जानवरो को मार - मार कर खाने लगा। सभी जानवर बिचारे लुक छिप कर रहने लगे।  सभी जानवर इकठा होकर शेर के पास पहुँचे और शेर को कहा। 


तुम अगर हमे ऐसे ही खाते रहे तो एक दिन हम सभी जानवर मर जाये गे तुम फिर क्या खावो गे। तुम ऐसा करो हम में से एक हर रोज तुम्हारे पास आ जाये गा तुम खा लिया करो। 


शेर - नहीं में तुम्हारी बात नहीं मानु गा।  में तो अपने हिसाब से खाव गा। 


खरगोश - अगर तुम हमे ऐसे ही खाते रहे तो हम सभी मर जाये गे फिर क्या खावो गे वैसे भी तुम बूढ़े हो रहे हो तुम को शिकार करने में भी दिकत होती है। 


Sher Aur Khargosh Ki Kahan


सभी जानवरो के कहने पर शेर मान गया और हर दिन एक जानवर शेर के पास आ जाता और शेर उसे खा लेता। 


एक दिन खरगोश की बारी आ गई और खरगोश शेर के पास बहुत देरी से पहुँचा। 


शेर - तुम इतनी देर से क्यों आये। 


खरगोश - मेरे साथ एक जानवर और था रास्ते में हमे एक शेर मिला और वो उसे खा गया में बड़ी मुश्किल से जान बचा कर आया हूँ। 


शेर - इस जंगल में मेरे सिवा दूसरा शेर कहा से आ गया चलो मुझे दिखावो में देखता हूँ। 


खरगोश - चलो दिखता हूँ। 


शेर को खरगोश ने कहा उस कुवे में देखो शेर है उसी ने मेरे साथी को खाया है। शेर ने कुवे में जाक कर देखा तो उसे अपनी ही तस्वीर दिखी वो उसे दूसरा शेर समझ कर कुवे में कूद गया और मर गया। इसी के साथ फिर से सभी जानवर खुशी से जंगल में रहने लगे। Sher Aur Khargosh Ki Kahan.


इस कहानी से सिख मिलती है चाहे कितनी भी कठिनाई क्यों ना अये दिमाख से काम लेना चाहिए। बच्चो आज की कहानी आपको कैसी लगी कमेंट कर के बतावो। !! thank You बच्चो !!


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